सादर नमन,
आप सभी को मंगल प्रणाम,
आज प्रवाह में हमारा विषय है ,जिज्ञासा, कुछ करने की, कुछ जानने की, कुछ नया खोजने की, वह जिज्ञासा ही है, जो हमें कुछ नया करने को प्रेरित करती है, मनुष्य ने आधुनिक विज्ञान के जितने भी आविष्कार किये हैं,
वह उसकी जिज्ञासु प्रवृत्ति के कारण ही किये है, कुछ नया खोजने व करने की प्रवृत्ति हमारे जिज्ञासा के कारण ही हमें कुछ नया करने की प्रेरणा प्रदान करती है, कोई भी कार्य किस प्रकार होगा, किस प्रकार कुछ नए तरीके से किसी कार्य को हम करें, ताकि वह अन्य लोगों से बेहतर व कुछ अलग हो, ऐसा हमारी जिज्ञासा के कारण ही संभव है, किसी प्रकार का नया आविष्कार या कोई नया प्रयोग जो हमें जीवन में और अधिक बेहतरी की ओर अग्रसर करें, वैज्ञानिक रूप से भी जितनी उन्नति हुई है, वह मानवीय जिज्ञासा का ही परिणाम है, और वह जिज्ञासा ही है, जो हमें नित निरंतर नये शोध की और हमें ले जाती है, जितनी हमारी जिज्ञासु प्रवृत्ति होगी, उतना ही हम जीवन में बेहतर कर पाएंगे, कुछ नया जानने व करने की प्रेरणा हमें हमारी जिज्ञासा
ही प्रदान करती है, अगर यह प्रवृत्ति मनुष्य में विकसित न होती तो जो भी परिवर्तन हुए है,
वे परिवर्तन न हुए होते, हमारी जिज्ञासा हमें नए परिवर्तन , नए शोध, व कुछ अलग करने का साहस प्रदान करती है, जो जितना जिज्ञासु होता है, वह उतना ही अधिक प्रयत्नशील भी होता है, और जो अधिक प्रयत्न करेगा, उसके हिस्से में सफलता भी
अधिक होगी, जीवन में अपनी जिज्ञासा को जागृत रखें, नित्य नए परिवर्तन को समझे,
कुछ नया जानने की जिज्ञासा ही जिंदगी में ऊर्जा को जागृत किये रहती है, जीवन में जिज्ञासु बने, व नई मंजिलों की और अग्रसर हो।
विशेष:- जिज्ञासा को जागृत किये बगैर हम अपने जीवन में वहीं के वहीं खड़े हो सकते हैं,
अगर जीवन को सकारात्मक परिवर्तन व आगे की ओर अग्रसर करना है, तो हमें जिज्ञासु होना होगा, नई चीज किस प्रकार होती है, वे कैसे कार्य करती है, यह जिज्ञासा ही हमें अपने जीवन में और आगे ले जायेगी।
आपका अपना,
सुनील शर्मा,
जय भारत,
जय हिंद।
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