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प्रिया पाठक गण,
सादर वंदन,
आप सभी सुधि पाठक गणों को मेरा मंगल प्रणाम,
   ‌     मां सरस्वती के चरणों में वंदन करते हुए कुछ शब्द लिखने का प्रयास कर रहा हूं।
आशा है आप सभी को मेरी और आपकी यह प्रवाह यात्रा पसंद आ रही होगी।
        आज प्रवाह में हम चर्चा कर रहे हैं, पत्रकारिता का दायित्व, इसमें सभी पत्रकार बंधु शामिल हैं, मैंने भी पत्रकारिता शुरू तो नहीं की है, पर आप मेरे ब्लॉग को ही पत्रकारिता का नया आया मान सकते हैं।
      जिस पर निष्पक्ष तौर पर जो मुझे भीतर से महसूस होता है,वही मैं आप लोगों से संवाद रूप में प्रवाह में प्रस्तुत करता हूं।
        आज पत्रकारों का दायित्व और अधिक इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि चारों और सूचना का प्रचार-प्रसार तो काफी तेजी से हो रहा है, मगर इसमें कहीं मानवीय मूल्य तो धराशाई नहीं हो रहे हैं, कहीं छद्म रूप में अनैतिक तत्व तो समाज में हावी नहीं हो रहे हैं। तो अच्छे व बुरे दोनों का साथ एक चिंतन समाज के सामने प्रस्तुत करके सामाजिक हित में पूर्ण प्रखरता से अपनी कलम को उठाना, आज के दौर में पत्रकारिता का प्रथम दायित्व होना चाहिए।
         आज टेलीविजन पर कई चैनल आ गए हैं, समाचारों को एक विश्लेषण की जगह मनोरंजन का रूप दिया जा रहा है, जो किसी भी समाज के लिए धीमा जहर ही है।
         राजनेता निरंकुश होते जा रहे हैं, पर सौभाग्य से कुछ अच्छे राजनेता भी है, जो समाज हित में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं, उनकी सराहना व समाज कंटक राजनीति करने वालों की आलोचना करने का साहस पत्रकार में होना ही चाहिए।एक खोजी पत्रकार को बारीकी से हर घटना का सही प्रकार से विश्लेषण कर फिर उसे समाज के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे समाज में एक नई चेतना जगे, समाज में उत्साह का वातावरण बन सके,इसके लिए भी उसी आवश्यक प्रयास जारी रखना चाहिए, यही तो एक सजग पत्रकार का मूल दायित्व होना चाहिए, सही मायनों में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार, अच्छी नीतियों का समर्थन, वर्तमान परिदृश्य का सही  अवलोकन यह सब एक सजग पत्रकार की लेखनी के मूल तत्व है, जो कि उसमें होना ही चाहिए।
       एक पत्रकार समाज के प्रहरी की भूमिका निभाता है, साथ ही जनता का भी दायित्व बनता है, ऐसे पत्रकारों को सराहे, जो समाज हित में सही खबरें आज तक लाकर उनका सही विश्लेषण कर आपको बताते हैं कि क्या समाज हित में होना चाहिए, निष्पक्ष निष्पक्ष पत्रकारिता का सम्मान समाज का भी दायित्व है।
       तभी तो पत्रकार बंधु भी अपना दायित्व निभा सकेंगे, वस्तुतः यह समाज केवल पत्रकारों के दायित्व बोध से ही नहीं वरुण शिक्षाविद राजनीतिज्ञ अर्थशास्त्री व्यवसाई वकील धर्मगुरु व समाज के सभी वर्गों में जो भी समाज का हित चाहते हैं, आज उनका एग्जिट हो ना ही समाज को कई प्रकार की आपदाओं से बचा सकता है।
       अब समय आ चुका है कि सभी वर्ग पूर्ण निष्पक्ष तरीके से आत्ममंथन का निर्णय लें क्या समाज हित में है।
       आज जीवन मूल्यों को समाज में पुनः पुनर्स्थापित करना ही सभी वर्गों का मुख्य दायित्व होना चाहिए।
आपका अपना
सुनील शर्मा
सत्यमेव जयते
इति शुभम भवतू
विशेष:-पत्रकारिता का दायित्व इस विषय पर मेरे विचार आप लोगों को कैसे लगे कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें