सादर नमन,
आप सभी को मंगल प्रणाम, आज काफी दिनों बाद आपसे फिर रूबरू हो रहा हूं,
आज का मेरा विषय है, राजनीति, खासकर भारतीय राजनीति, आज पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने
वाले हैं, संपूर्ण भारतीय जनमानस जो भारतीय राजनीति में रुचि रखते हैं, वे बड़ी उत्सुकता से परिणामों का इंतजार कर रहे हैं,
पश्चिम बंगाल की और सब की निगाह सबसे अधिक होगी, वहां फिर ममता बनर्जी अपना जलवा बरकरार रखती है या फिर भारतीय जनता पार्टी की कोशिशें कामयाब होती है,
यह देखना बड़ा दिलचस्प रहेगा, पिछली बार भी भाजपा ने अपनी पूरी ताकत पश्चिम बंगाल में लगा दी थी, पर वे ममता बनर्जी का विजय रथ नहीं रोक पाये, इस बार मुकाबला अधिक कड़ा लग रहा है, मगर जितना बंपर मतदान हुआ है, वह आखिरकार किस पक्ष में गया है, यह तो परिणाम ही तय करेंगे।
अगर ममता बनर्जी के पक्ष में मतदान हुआ, वे पुनः राज्य की मुख्यमंत्री बनती हैं,
तो विपक्षी दलों में भी उनका कद बढ़ेगा, इसके विपरीत अगर भारतीय जनता पार्टी
कामयाब होती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के कद में अभिवृद्धि होगी।
असम में भी मुकाबला बड़ा दिलचस्प है,
अगर वहां फिर भारतीय जनता पार्टी जीती तो
मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा का कद बढ़ेगा, वहीं अगर कांग्रेस जीती तरुण गोगोई का कद बढ़ेगा, मगर अभी तक संभावना भारतीय जनता पार्टी के जीतने की ही नजर आ रही है।
अब हम चलते हैं केरल की ओर, वहां पर अगर वाम मोर्चा जीतता है, तो यह उसकी नीतियों की जीत होगी, पर इस बार रुझान वहां कांग्रेस वाले गठबंधन के जीतने की नजर आ रहे हैं, अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस पार्टी के लिये संजीवनी का काम करेगा,
देखते हैं मतदाता वर्तमान वाम मोर्चा की सरकार के काम से संतुष्ट है अथवा नहीं,
यह चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे, फिर भी इस बार रुझान कांग्रेस वाले गठबंधन की जीत के अधिक नजर आते हैं।
अब हम बात करते हैं तमिलनाडु की, यहां द्रमुक की सरकार है, यहां मुख्य दल दो ही है, दृमुक व अन्ना द्रमुक , बाकी दल इनसे संयोजन करके ही वहां चुनाव लड़ते हैं, वहां पर अभिनेता विजयन की नई पार्टी भी कुछ प्रभाव डाल सकती है। यहां इस बार अन्ना द्रमुक वाले गठबंधन की जीत के अधिक आसान नजर आ रहे हैं, यहां का भी मुकाबला बड़ा दिलचस्प रहेगा।
केंद्र शासित पांडिचेरी में भी चुनाव हो रहे हैं, यहां अभी भाजपा का शासन है, देखते हैं यहां ऊंट किस करवट बैठता है। यहां भी निश्चित रुझान किसी भी पार्टी के पक्ष में नजर नहीं आते।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजा भारतीय राजनीति की दिशा को तय करेंगे, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी व तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दल यह सभी को आईना बताने वाले होंगे , कि उनके कद में अभिवृद्धि हुई है या वे पीछे की और आये हैं।
यह मतदाताओं की परिपक्वता को भी बतायेंगे।
विशेष:-भारतीय राजनीति में हमेशा व्यक्तित्व के प्रति भी लगाव रहा है, उससे भी भारतीय राजनीति में मतदाताओं का रुख तय होता है,
मगर अब मतदाताओं को और अधिक परिपक्वता दिखाने की जरूरत है, जहां भी मूल विषयों पर आधारित मुद्दों पर मतदान करें, तभी भारतीय राजनीति में मतदाताओं की सही भूमिका तय होगी।
आपका अपना
सुनील शर्मा
जय भारत,
जय हिंद
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें