सत्य

प्रिय पाठक गण,
   सादर नमन, 
आप सभी को मंगल प्रणाम, 
   आज प्रवाह में चर्चा का विषय है, सत्य, 
सत्य की जो ताकत है, वह अद्भुत है, अगर किसी भी विषय पर हम सत्य कथन करते हैं, 
तो उसका सबसे अच्छा परिणाम यह होता हैं 
कि हमें फिर असत्य का सहारा नहीं लेना पडता, ना हमें यह याद रखना पड़ता है हमने क्या कहा था, क्योंकि सत्य कभी परिवर्तित नहीं होता, इससे एक तो हमारे मन में कोई भय नहीं होता, क्योंकि सत्य कहने से हमें भी आंतरिक बल प्राप्त होता है, वह सत्य  को कितनी भी परतो में रखा जाए, अंततः  वह उजागर होता ही है, इसलिए हमें अपने जीवन में यह कोशिश करना चाहिए, हम सत्य के ही सहारे रहे, ताकि वह हमारे मानसिक बल को
कभी भी क्षीण न होने दें, सत्य भाषण का सबसे बड़ा लाभ यह है, की सत्य को उजागर करने से हमारी स्वयं की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है, 
विश्वसनीयता बढ़ती है, और लोगों का भरोसा 
हम पर बढ़ता है। 
      जो सत्य कथन कहता है, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है, व अगर किसी विषय में कोई निर्णय लेना हो, 
सत्य जानना हो, तो जो सत्य कथन करता है, 
उसकी राय को समुचित महत्व प्रदान किया जाता है, सत्य कथन कहने से हमारे मन में भी कोई भय नहीं रहता, व सत्य कथन कहने से हमारी प्रतिष्ठा में भी अभिवृद्धि होती है, समाज में हमारी गरिमा बढ़ती है, लोग हमारा विश्वास करते हैं, अगर कोई विवाद की स्थिति हो, सत्य जानना हो, तो जो भी व्यक्ति सत्य कथन करता है, उससे परामर्श किया जाता है, 
यह सत्य की ताकत है।
        जिसके पास सत्य का बल है, वह,  आंतरिक रूप से निर्भय होता है, व सत्रय धारण करने वाले व्यक्ति की सभी संगत करना चाहते हैं, क्योंकि उनसे किसी को किसी भी प्रकार का भय नहीं होता, सत्य कहने से हमें फिर असत्य का सहारा भी नहीं लेना पड़ता 
है, क्योंकि जो एक बार असत्य कथन कह दे, 
तो फिर बारंबार हमें यह ध्यान रखना पड़ता है, कि कहीं हमसे फिर सत्य ना उजागर हो जाये,
इसीलिए पहले से ही हम सत्य का ही सहारा ले, तो हमें फिर बार-बार यह सोचना भी नहीं पड़ेगा, कि पहले हमने क्या कहा था, क्योंकि
सत्य जब भी कहा जाएगा, वह उसी  रूप में प्रस्तुत होगा।
   इसीलिए प्रसिद्ध वाक्य भी है, सत्यमेव जयते। 
विशेष:-सत्य कथन कहने का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि हम भीतर से निर्भीक रहते हैं, असत्य का सहारा लेने पर हमारे भीतर भय उत्पन्न होता है की सत्य उजागर न हो जाये,
इसीलिए हम सदैव  सत्य का ही सहारा ले,
इससे हमारे सामाजिक प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता में भी अभिवृद्धि होती हैं।
आपका अपना, 
सुनील शर्मा, 
जय भारत, 
जय हिंद

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