सादर नमन,
आप सभी को मंगल प्रणाम,
आज प्रवाह में हम चर्चा करेंगे, लगाम शब्द पर, यह शब्द लगता तो छोटा सा है, मगर इसके अर्थ बड़े गहरे हैं।
अगर कोई वाहन है, और उस वाहन की गति पर नियंत्रण करने वाला या लगाम लगाने वाला कोई नहीं है, तो वह अनियंत्रित होकर
नुकसान पहुंचा सकता है।
इसी प्रकार अगर कोई व्यक्ति का अपने ऊपर कोई नियंत्रण नहीं, कोई लगाम नहीं, तो वह भी अपने जीवन में अनियंत्रित हो सकता है, उसकी ऊर्जा गलत दिशा में जा सकती है,
इसलिए हमारे जीवन में लगाम का बड़ा महत्व है, ।
एक घुड़सवार घोड़े पर बैठकर लगाम द्वारा ही उसे नियंत्रित करता है , वरना घोड़ा किसी भी दिशा में जा सकता है, यानी उसके हाथ में अगर लगाम न हो, तो घोड़े की गति
पर नियंत्रण नहीं रहेगा, वह दिशाहीन भी हो सकता है, कौन सी दिशा में जाना है।
इसी प्रकार हम सबके जीवन में हम क्या कर रहे है? क्यों कर रहे हैं? किस दिशा में जाना चाहिए? इस पर हमें अपनी बुद्धि की लगाम का प्रयोग करना पड़ेगा, वरना हम सभी का जीवन भी अनियंत्रित व दिशाहीन हो जायेगा, इस प्रकार हम देखें तो जीवन मैं लगाम का बड़ा ही महत्व है, कब ,कहां रुकना है, कब गति बढ़ाना है, कब उसे नियंत्रित करना है, किस समय रुकना है, यह सब हम लगाम द्वारा ही कर सकते हैं, हमारे जीवन में हमारी बुद्धि की लगाम ही हमें नियंत्रित करती है, व सही व गलत दिशा का बोध हमें प्रदान करती है। इसीलिए जीवन में लगाम का
होना आवश्यक है, जिससे हम अपने जीवन को उचित दिशा प्रदान कर सकते हैं।
विशेष:- किसी घुड़सवार के लिए लगाम का
बड़ा ही महत्व हैं, क्योंकि उसी से वह घोड़े को सही दिशा में नियंत्रित करता है, इस प्रकार हमारे जीवन में बुद्धि रूपी लगाम का होना
आवश्यक है, क्योंकि यह हमारे जीवन को उचित रूप से नियंत्रित करती है, बेलगाम
चाहे वह व्यक्ति हो घोड़ा, नुकसान ही
पहुंचायेगा।
आपका अपना,
सुनील शर्मा,
जय भारत,
जय हिंद।
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